Thursday, June 18, 2009

बेफिक्री

यह किस प्यारी हिफाज़त में हो, बेफिक्री की हालत है

बड़ी मज़बूत बाहों में हो सूरज की हरारत है,

तुम्हारे वास्ते तूफ़ान सह लें, मुस्कुराओ तुम

जियो हर लम्हा तुमको ज़िन्दगी पीने की आदत है.

बैठे हुए ही कन्धों पर, पकड़े हुए ये उँगलियाँ,

मुस्कान दे दें वसीहत में, रखा क्या नसीहत में

धुप घुली चेहरे पे, किरणों की शरारत है,

जियो हर लम्हा तुमको ज़िन्दगी पीने की आदत है.

पहियों से कदम मिलाना, ऊंघते सपने सहलाना,

नज़र भर नज़ारा सौंप देना, नज़र भर अपनाना,

रहे एहसास बन कर तो, रगों में ही जन्नत है,

जियो हर लम्हा तुमको ज़िन्दगी पीने की आदत है.

1 comment:

Smruti said...

This is the new bajaj allianz ad na?? Is this your version of it?? I love that ad.. and the music...

Who has written the original? Prasoon joshi?

Muskaan de den wasihat mein, rakha kya nasihat mein.... nice :-)